साल में 12 महीने क्यों होते हैं?
क्या आपने कभी सोचा है कि एक साल में ठीक 12 महीने क्यों होते हैं? यह कोई मनमानी संख्या नहीं है। इसके पीछे खगोल और मानव इतिहास दोनों का हाथ है। प्राचीन रोमन समय में साल केवल 10 महीने का होता था। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह थी कि प्रकृति में ऋतुएँ 12 चंद्र महीनों के बाद दोहराती थीं।
जूलियस सीज़र के युग में खगोलविदों ने इस समस्या का हल निकाला। उन्होंने समझाया कि सूर्य के चारों ओर पृथ्वी की एक पूरी कक्षा लगभग 365.25 दिनों की होती है। इसे ऋतुओं के साथ ठीक से मिलाने के लिए, उन्होंने 12 महीनों वाला कैलेंडर बनाया। इससे समय का हिसाब बहुत सटीक हो गया।
लेकिन फिर भी 0.25 दिन की कमी बचती थी। इसलिए हर चार साल बाद लीप वर्ष मनाकर 29 फरवरी को एक अतिरिक्त दिन जोड़ा गया। इस तरह समय और प्रकृति के बीच संतुलन बना रहा।
आज भी हम उसी प्रणाली का उपयोग करते हैं। 12 महीने, 7 दिन के सप्ताह और 60 मिनट के घंटे — ये सब प्राचीन ज्ञान और
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