1912 से पहले बिहार का नाम क्या था?
1912 से पहले बिहार को अलग राज्य के रूप में नहीं जाना जाता था। इस क्षेत्र को तब बंगाल प्रेसीडेंसी के अंतर्गत रखा गया था। अंग्रेजों के समय तक यह क्षेत्र बंगाल का ही हिस्सा माना जाता था, जिसमें आज के बिहार, झारखंड और बंगाल तक शामिल थे।
ऐतिहासिक रूप से, मुगल काल में इस पूरे क्षेत्र को सूबा-ए-बंगाल कहा जाता था। इस सूबे में बिहार के अधिकांश भाग शामिल थे, जो आज के बिहार और झारखंड के साथ-साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों तक फैला हुआ था। बिहार के नाम का इतिहास बौद्ध काल से भी जुड़ा है, जब यहां बौद्ध भिक्षुओं के लिए छोटे-छोटे विहारों की स्थापना हुई थी। 'बिहार' शब्द भी इन विहारों से उत्पन्न माना जाता है।
लेकिन प्रशासनिक दृष्टि से, 1912 तक बिहार का अलग अस्तित्व नहीं था। ब्रिटिश शासन ने 22 मार्च, 1912 को बिहार और ओडिशा को बंगाल से अलग कर एक नया राज्य बनाया। इसी दिन से बिहार को एक अलग पहचान मिली।
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