1971 के युद्ध में रूस का भारत के प्रति समर्थन
1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान रूस (तब सोवियत संघ) भारत का मजबूत सहयोगी साबित हुआ। इस वक्त भारत बांग्लादेश की आजादी के लिए लड़ रहा था, और पाकिस्तान के खिलाफ जंग में अमेरिका का झुकाव पाकिस्तान की ओर था। ऐसे में भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन की जरूरत थी।
इसी बीच, भारत और सोवियत संघ के बीच जुलाई 1971 में शांति, मैत्री और सहयोग संधि पर हस्ताक्षर हुए, जो एक बड़ा राजनयिक कदम था। यह संधि न सिर्फ राजनीतिक समर्थन थी, बल्कि एक स्पष्ट संकेत था कि भारत अकेला नहीं है।
जब अमेरिका ने बंगाल की खाड़ी में अपना विमानवाहक पोत एन्टरप्राइज भेजकर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की, तो रूस ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उसने अपनी परमाणु क्षमता से लैस पनडुब्बियों और विध्वंसक जहाजों को प्रशांत महासागर से हिंद महासागर की ओर भेज दिया। यह कदम सिर्फ सैन्य सहायता नहीं, बल्कि एक स्पष्ट संदेश था कि भारत पर हमला करना खतरनाक
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