शुद्ध जल का दूसरा नाम क्या है?
शुद्ध जल को विज्ञान की दुनिया में आसुत जल या विआयनीकृत जल कहा जाता है। यह वह पानी होता है जिसमें नमक, खनिज और अन्य घुले हुए पदार्थ बिल्कुल नहीं होते। जब हम पानी को गर्म करके उसे वाष्प में बदलते हैं और फिर उस वाष्प को ठंडा करके दोबारा तरल रूप में इकट्ठा करते हैं, तो इस प्रक्रिया से बना जल ही आसुत जल कहलाता है।
इस प्रक्रिया में जैसे ही पानी उबलकर ऊपर उठता है, उसमें मौजूद अशुद्धियां, खासकर नमक, पीछे छूट जाते हैं। इसलिए जो जल वापस संघनित होकर एकत्रित होता है, वह लगभग पूरी तरह शुद्ध होता है। इसे लैब या चिकित्सा क्षेत्र में कई जगह इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि यहां शुद्धता का बहुत महत्व होता है।
इसके अलावा, विआयनीकृत जल में भी सभी आयन (ions) हटा दिए जाते हैं, जिससे वह बिजली का संचालन नहीं करता। यह भी एक प्रकार का शुद्ध जल ही होता है, लेकिन सबसे अधिक उपयोग आसुत जल का ही होता है।
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