भारत में नब्बे के दशक में पेट्रोल और डीजल के दाम
आज के दौर में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं, लेकिन अगर हम पीछे मुड़कर देखें तो 1990 का दशक एक बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करता है। उस समय देश में महंगाई और रोजमर्रा की चीजों के दाम आज के मुकाबले बहुत कम हुआ करते थे।
नब्बे के दशक की शुरुआत में भारत में पेट्रोल की कीमत 10 रुपए प्रति लीटर से भी कम हुआ करती थी। वहीं, डीजल भी बेहद किफायती था और इसकी कीमत मात्र दो से ढाई रुपए प्रति लीटर के आसपास थी। उस समय सफर करना और गाड़ियां चलाना आज जितना महंगा नहीं था।
हालांकि, जैसे-जैसे दशक आगे बढ़ा, स्थितियां बदलने लगीं। आर्थिक बदलावों, वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव और बढ़ती मांग के कारण कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। 1990 का दशक आते-आते पेट्रोल की कीमत बढ़कर लगभग 25 रुपए प्रति लीटर तक पहुँच गई।
इस दशक के अंत यानी साल 1999-2000 के करीब पहुँचते-पहुँचते पेट्रोल की यह कीमत बढ़कर लगभग 30 रुपए प्रति लीटर के आसपास दर्ज की गई। यह वह दौर था जिसने भारत में ईंधन की बढ़ती कीमतों की उस रफ्तार की नींव रखी, जो आज सैकड़ों रुपए प्रति लीटर तक पहुँच चुकी है।
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