दिल्ली में न्यूनतम मजदूरी: 2022 का फैसला और उसका असर

दिल्ली सरकार ने वर्ष 2022 में महंगाई के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से अकुशल और कुशल वर्ग के श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की थी। यह फैसला विशेष रूप से अक्टूबर 2022 में दिवाली के अवसर पर लिया गया था, ताकि दैनिक वेतन भोगियों और असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई से राहत मिल सके।

संशोधित दरों के तहत अकुशल मजदूरों का मासिक वेतन 16,506 रुपये से बढ़ाकर 16,792 रुपये कर दिया गया। इसी प्रकार अर्ध-कुशल कर्मचारियों का वेतन बढ़कर 18,499 रुपये और कुशल श्रमिकों का वेतन 20,357 रुपये प्रतिमाह निर्धारित किया गया। सरकार ने लिपिक (क्लर्क) और पर्यवेक्षी कर्मचारियों की विभिन्न श्रेणियों के वेतन में भी आनुपातिक रूप से वृद्धि की थी।

दिल्ली सरकार अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के आधार पर हर छह महीने में महंगाई भत्ते का पुनरीक्षण करती है। यह सुनिश्चित करता है कि श्रमिकों की क्रय शक्ति बनी रहे और उन्हें बुनियादी जीवन यापन के लिए उचित पारिश्रमिक मिले।

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