भारतीय कानून में धारा 213 का क्या अर्थ है?

भारतीय न्याय व्यवस्था में धारा 213 का संबंध किसी अपराधी को सजा से बचाने के बदले उपहार या आर्थिक लाभ लेने से है। जब कोई व्यक्ति किसी गंभीर अपराध को छिपाने या अपराधी को कानून की पकड़ से दूर रखने के लिए रिश्वत या कोई फायदा स्वीकार करता है, तो इसे कानून की नजर में एक गंभीर अपराध माना जाता है।

यदि छुपाया गया अपराध मृत्युदंड से दंडनीय हो, तो ऐसा करने वाले व्यक्ति को 7 साल तक की जेल और जुर्माने की सजा दी जा सकती है। भारतीय दंड संहिता (IPC) का स्थान अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) ने ले लिया है, जिसके तहत इस प्रावधान को नए संदर्भ में लागू किया गया है। कानून का मूल उद्देश्य समाज में न्याय प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखना और अपराधियों को संरक्षण देने वाली गतिविधियों पर रोक लगाना है।

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