पृथ्वी के घूर्णन और समय का संबंध

24 घंटे में पृथ्वी 360 डिग्री देशांतर घूम जाती है। यह घूर्णन उसकी अपनी धुरी पर होता है, जिसके कारण दिन और रात का निर्माण होता है। यह एक पूरा चक्कर लगभग 23 घंटे 56 मिनट और 4 सेकंड में पूरा होता है, जिसे 'निर्तारांकाल' कहते हैं, लेकिन सामान्य जीवन में हम इसे लगभग 24 घंटे कहते हैं।

चूँकि पृथ्वी पूरा चक्कर लगाती है, इसलिए यह प्रति घंटे 15 डिग्री देशांतर घूमती है। इसी कारण विभिन्न स्थानों पर समय अलग-अलग होता है। प्रमुख याम्योत्तर (ग्रीनविच माध्यमान याम्योत्तर) से 180° पूर्व और 180° पश्चिम तक का विस्तार है।

जब सूर्य की किरणें पृथ्वी के एक तरफ पड़ती हैं, तो दूसरी तरफ अंधेरा होता है। पृथ्वी के पूर्वी भाग में सूर्योदय होते ही पश्चिमी भाग में सूर्यास्त होना शुरू हो जाता है। पृथ्वी को 180 डिग्री घूमने में लगभग 12 घंटे लगते हैं, जिसके कारण सूर्य को पूर्व से पश्चिम की ओर जाते हुए देखा जाता है।

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