हिरोशिमा पर परमाणु हमले का भयानक इतिहास
6 अगस्त, 1945 का दिन मानव इतिहास के सबसे काले दिनों में गिना जाता है। द्वितीय विश्व युद्ध के अंतिम चरण के दौरान, अमेरिका ने जापान के औद्योगिक शहर हिरोशिमा पर दुनिया का पहला परमाणु बम गिराया था। इस विनाशकारी हमले ने कुछ ही सेकंड में पूरे शहर को मलबे और राख में बदल दिया।
विस्फोट के तुरंत बाद अनुमानित 80,000 लोग काल के गाल में समा गए। तबाही यहीं नहीं थमी; परमाणु विस्फोट से निकलने वाले खतरनाक विकिरण (रेडिएशन) के कारण आने वाले हफ्तों, महीनों और सालों में हज़ारों अन्य लोगों की भी दर्दनाक मौत हो गई। इस हमले के भयानक परिणामों ने न केवल जापान को हिलाकर रख दिया, बल्कि पूरी दुनिया को यह अहसास करा दिया कि आधुनिक युद्ध कितने विनाशकारी हो सकते हैं।
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