इंद्रप्रस्थ से शाहजहानाबाद: पुरानी दिल्ली का ऐतिहासिक सफर

भारत की धड़कन कही जाने वाली दिल्ली का इतिहास सदियों पुराना है। अक्सर लोग यह सवाल पूछते हैं कि पुरानी दिल्ली को पहले क्या बोलते थे? इस शहर का गौरवशाली इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस प्राचीन नगरी को सबसे पहले इंद्रप्रस्थ के नाम से जाना जाता था, जो कभी पांडवों की राजधानी हुआ करती थी।

समय के चक्र के साथ दिल्ली की भूमि पर कई साम्राज्यों का उदय और पतन हुआ। इतिहास के पन्नों को पलटें तो इंद्रप्रस्थ के आसपास और इसके भीतर समय-समय पर आठ प्रमुख शहर बसते और उजड़ते रहे। इनमें लाल कोट, किला राय पिथौरा, तुगलकाबाद, जहांपनाह, फिरोज़ाबाद, दीनपनाह और शाहजहानाबाद जैसे नाम शामिल हैं। हर शासक ने इस शहर को अपनी तरह से संवारा और इसे एक नया नाम दिया।

आज जिसे हम मुख्य रूप से 'पुरानी दिल्ली' के नाम से जानते हैं, वह वास्तव में मुग़ल बादशाह शाहजहाँ द्वारा बसाया गया शहर शाहजहानाबाद है। सत्रहवीं शताब्दी में शाहजहाँ ने अपनी राजधानी को आगरा से यहाँ स्थानांतरित किया था और लाल किले व जामा मस्जिद जैसी भव्य इमारतों की नींव रखी थी। इस प्रकार, पांडवों के इंद्रप्रस्थ से शुरू हुआ यह सफर मुग़लों के शाहजहानाबाद से होते हुए आज की आधुनिक दिल्ली तक पहुँचा है, जो अपने भीतर सदियों की संस्कृति और इतिहास समेटे हुए है।

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