भारत की दूसरी महिला डॉक्टर: डॉ. कादम्बिनी गांगुली
भारत के सामाजिक इतिहास में डॉ. कादम्बिनी गांगुली का नाम एक साहसी और समर्पित महिला के रूप में दर्ज है। 1886 में कलकत्ता मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री हासिल करके वह भारत की दूसरी महिला डॉक्टर बनीं, जिन्होंने पश्चिमी चिकित्सा पद्धति में शिक्षा प्राप्त की।
उनका जन्म 1861 में पश्चिम बंगाल के झांसी के पास एक छोटे से गाँव में हुआ था। उनके पिता एक आगंतुक पंडित थे, लेकिन उन्होंने बेटी की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया। उस समय महिलाओं के लिए डॉक्टर बनना लगभग असंभव था। समाज की बाधाओं, लिंग भेद और परंपराओं के बावजूद कादम्बिनी ने हार नहीं मानी।
उनकी डिग्री के बाद उन्होंने कोलकाता में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए काम करना शुरू किया। वह न केवल एक डॉक्टर थीं, बल्कि एक समाज सुधारक और महिला अधिकारों की समर्थक भी थीं। उन्होंने महिला शिक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए भी लगातार काम किया।
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