भारत में हर साल 50,000 नए डॉक्टरों का उदय
भारत में हर साल लगभग 50,000 नए डॉक्टर डिग्री हासिल कर मेडिकल पेशे में कदम रखते हैं। ये डॉक्टर देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करके निकलते हैं। नेशनल बोर्ड ऑफ एक्जामिनेशन (NBE) और नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में मेडिकल सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसके कारण नए डॉक्टरों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
यह संख्या पहले के मुकाबले काफी अधिक है। कुछ साल पहले तक भारत में सालाना लगभग 30,000 से 35,000 डॉक्टर ही बनते थे। लेकिन सरकार की पहल और निजी मेडिकल कॉलेजों के खुलने से यह संख्या तेजी से बढ़ी है।
फिर भी, डॉक्टरों की संख्या पर्याप्त नहीं मानी जाती। भारत में अभी भी डॉक्टर-आबादी अनुपात विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुशंसित स्तर से कम है। WHO के अनुसार, हर 1,000 लोगों पर कम से कम एक डॉक्टर होना चाहिए, लेकिन भारत में यह अनुपात लगभग 1:1
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