1962 में भारत-चीन युद्ध: एक ऐतिहासिक टकराव
1962 में भार-चीन के बीच हुआ युद्ध हिमालय की ऊँची पहाड़ियों में लगभग एक महीने तक चला। यह संघर्ष मुख्य रूप से दोनों देशों के बीच अनिर्धारित सीमा को लेकर उभरा, जिसे आज भी पूर्वी सेक्टर (अरुणाचल प्रदेश) और पश्चिमी सेक्टर (अक्साई चीन) में विवादित क्षेत्र के रूप में जाना जाता है।
चीन ने अक्टूबर 1962 में भारत पर हमला किया, जिसके बाद तेज लड़ाई हुई। भारतीय सेना ने बहादुरी से लड़ाई लड़ी, लेकिन कठिन भूगोल और मजबूत चीनी सेना के आगे कई इलाके तिलमिल गए। चीन ने अंततः युद्धविराम की घोषणा की, लेकिन वह अक्साई चीन के क्षेत्र में कब्जा करके रह गया।
इस युद्ध ने भारत के लिए एक बड़ी सबक का काम किया। राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन के महत्व को समझा गया। तब से लेकर आज तक, भारत ने अपनी सैन्य तैयारी और बुनियादी ढांचे में भारी सुधार किए हैं।
वर्ष 2020 के गलवान घाटी में हुई झड़प ने फिर से यह याद दिलाया
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