क्या 37 सप्ताह में जन्म देना सुरक्षित है? जानिए कुछ महत्वपूर्ण बातें

गर्भावस्था के 37वें सप्ताह में कदम रखते ही माता-पिता के मन में यह सवाल अक्सर उठता है कि क्या इस समय बच्चे का जन्म होना पूरी तरह सुरक्षित है? चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, 37 सप्ताह की गर्भावस्था को 'फुल-टर्म' (पूर्ण अवधि) माना जाता है। इसका सीधा मतलब यह है कि इस चरण तक आते-आते गर्भ में पल रहा शिशु दुनिया में आने के लिए पूरी तरह तैयार हो चुका होता है।

इस समय तक एक औसत बच्चे का वजन लगभग 3 से 4 किलोग्राम के बीच हो जाता है। बच्चे के फेफड़े और अन्य महत्वपूर्ण अंग बाहर के वातावरण में सांस लेने और जीवित रहने के लिए पर्याप्त रूप से विकसित हो चुके होते हैं। इसलिए, यदि किसी कारणवश डिलीवरी 37वें सप्ताह में होती है, तो इसे आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है और जटिलताओं की संभावना बहुत कम होती है।

हालांकि, ध्यान रखने वाली बात यह है कि हर गर्भावस्था अलग होती है। डॉक्टर अक्सर सलाह देते हैं कि जब तक कोई मेडिकल इमरजेंसी न हो, तब तक प्रसव पीड़ा (labor) का प्राकृतिक रूप से शुरू होने का इंतजार करना सबसे अच्छा होता है। 37वें सप्ताह के बाद, आप आने वाले कुछ ही हफ्तों में कभी भी अपने नन्हे मेहमान से मिल सकती हैं। इसलिए, अपने शरीर के संकेतों को समझें, डॉक्टर के नियमित संपर्क में रहें और अपने बैग तैयार रखें।

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