भारत में 5000 के नोट की कहानी
भारत में 5000 रुपये के नोट का इतिहास काफी दिलचस्प है। आज जब हम 2000 या 500 रुपये के नोट को बड़ा मानते हैं, तो यह जानकर हैरानी होगी कि एक समय था जब 5000 के नोट भी चलन में थे। वर्ष 1954 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ₹1000, ₹5000 और ₹10000 मूल्यवर्ग के नोट जारी किए थे। ये नोट उस समय बड़े लेन-देन के लिए उपयोग होते थे, जब आर्थिक गतिविधियाँ सीमित थीं और उच्च मूल्यवर्ग के नोटों की जरूरत कम थी।
हालाँकि, इन उच्च मूल्यवर्ग के नोटों को बाद में वापस ले लिया गया। 1978 में ₹1000, ₹5000 और ₹10000 के नोटों को अवैध घोषित कर दिया गया, क्योंकि इनका उपयोग काले धन और अवैध गतिविधियों में होने लगा था। इस फैसले का उद्देश्य अर्थव्यवस्था को पारदर्शी बनाना और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना था।
उसके बाद कई दशकों तक भारत में इतने बड़े मूल्यवर्ग के नोट नहीं आए। फिर 2016 में मोदी सरकार ने 500 और 1000 के नोट बंद किए, और
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।