ूरी तरह नकारा नहीं जा सकता…
2021 में पैनल ऑफ फ्यूचर ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ऑफ यूरोपियन पार्लियामेंट्री रिसर्च सर्विस ने इंसानों की सेहत पर 5G के असर को लेकर स्टडी की। इसमें बताया गया कि 450 से 6000 मेगाहर्ट्ज फ्रीक्वेंसी वाले रेडिएशन से इंसानों में कैंसर होने का खतरा रहता है।
1 अक्तू॰ 2022
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