समकोण क्यों 90 डिग्री होता है?
हमने अक्सर गणित की किताबों में समकोण यानी 90 डिग्री के कोण को देखा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह ठीक 90 डिग्री क्यों होता है? दरअसल, जब दो सीधी रेखाएँ एक-दूसरे को इस तरह काटती हैं कि उनके बीच का मोड़ बिल्कुल सीधा और संतुलित होता है, तो वहाँ समकोण बनता है।
इसे समझने के लिए एक आयत या वर्ग के कोने की कल्पना करें। वहाँ का हर कोना 90 डिग्री का होता है, और यही कारण है कि वह इतना साफ़ और सममित लगता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि दोनों रेखाएँ एक-दूसरे के लंबवत होती हैं। यानी एक रेखा क्षैतिज और दूसरी उर्ध्वाधर होती है, जैसे दीवार का फर्श से जुड़ना।
समकोण को गणित में ∟ के चिह्न से दर्शाया जाता है। यह न केवल ज्यामिति में महत्वपूर्ण है, बल्कि घर बनाने, लकड़ी काटने और यहाँ तक कि मोबाइल फोन के डिज़ाइन तक में इसका इस्तेमाल होता है।
तो, समकोण 90 डिग्री होता है क्योंकि यह दो रेखाओं के बीच के सबसे स
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