चार हाथ वाला लोकदेवता: भैंरोपाल कल्ला जी

हिंदू धर्म में कई देवी-देवता हैं, जिनमें से कुछ की छवि अद्भुत और रहस्यमय है। जब बात आती है चार हाथ वाले देवता की, तो अधिकतर लोग भगवान विष्णु या शिव के रूप धारण करते हैं। लेकिन राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में एक ऐसे लोकदेवता की कहानी प्रचलित है, जिनका चार हाथ और दो सिर का रूप लोगों के बीच अमर है — वह हैं भैंरोपाल कल्ला जी.

कहा जाता है कि मुगल सेना के खिलाफ युद्ध में कल्ला जी ने इतना बहादुरी से लड़ाई लड़ी कि उनका सिर कटने के बाद भी उनका धड़ लंबे समय तक युद्ध करता रहा। इस अद्भुत घटना के बाद उनका एक नया रूप प्रकट हुआ — दो सिर और चार हाथ वाला लोकदेवता के रूप में।

यही कारण है कि आज भी चित्तौड़गढ़ में कल्ला जी की छतरी पर उनकी पूजा होती है। उनकी बहादुरी, त्याग और श्रद्धा की कहानी स्थानीय लोगों के बीच मौखिक रूप से पीढ़ियों से सुनाई जाती है। कल्ला जी केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि एक लोक

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय