अंग्रेजों का भार आना: एक ऐतिहासिक यात्रा

अंग्रेज सबसे पहले 16वीं शताब्दी के अंत में भारत आए, लेकिन व्यापार के लिए, राज्य जीतने के इरादे से नहीं। सन् 1600 में इंग्लैंड के राजा ने 'ईस्ट इंडिया कंपनी' की स्थापना की, ताकि भारत से मसाले, रेशम और सूती कपड़े जैसे मूल्यवान सामान यूरोप लाए जा सकें। पहले जहाज 1608 में सूरत बंदरगाह पर उतरे, जहाँ उन्होंने मुगल सम्राट जहाँगीर से व्यापार की अनुमति ली।

शुरू में अंग्रेज सिर्फ व्यापारी थे। लेकिन धीरे-धीरे, जैसे-जैसे मुगल साम्राज्य कमजोर पड़ा, उन्होंने अपना प्रभाव बढ़ाना शुरू कर दिया। उन्होंने चेन्नई, मुंबई और कोलकाता में अपने कारखाने (फैक्ट्रियाँ) बनाए और सेना तैयार की। 1757 में प्लासी के युद्ध में सिराज-उद-दौला को हराकर उन्होंने बंगाल पर नियंत्रण स्थापित किया। यहीं से शुरू हुई अंग्रेजों की राजनीतिक शक्ति।

समय के साथ, ईस्ट इंडिया कंपनी सिर्फ एक व्यापारिक संस्था नहीं रह गई, बल्कि एक शासन व्यव

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