काबा का काला पत्थर: एक आध्यात्मिक प्रतीक

काबा के पूर्वी कोने में एक छोटा सा काला पत्थर स्थापित है, जिसे मुसलमान अल-हजरु अल-अस्वद (अर्थात ब्लैक स्टोन) कहते हैं। दिखने में यह छोटा और टुकड़ों में बंटा हुआ लग सकता है, लेकिन इसका धार्मिक महत्व अत्यंत गहरा है। यह पत्थर चांदी के फ्रेम में जड़ा हुआ है, जो इसे और भी विशिष्ट बनाता है।

परंपरा के अनुसार, यह पत्थर हजारों साल पुराना है और इसे पैगंबर इब्राहिम (अलैहिस्सलाम) और उनके पुत्र इस्माइल (अलैहिस्सलाम) ने काबा के निर्माण के दौरान स्थापित किया था। मुस्लमानों का मानना है कि यह पत्थर स्वर्ग से उतरा था, और इसे छूना या इसकी ओर इशारा करना विश्वास और आत्मिक जुड़ाव का प्रतीक है।

हज के दौरान लाखों तीर्थयात्री इस पत्थर को छूने या कम से कम इसकी ओर हाथ उठाकर सलाम करने का अवसर ढूंढते हैं। भीड़ के कारण छूना संभव न हो, तो हाथ उठाकर सलाम करना भी पर्याप्त माना जाता है।

इस प्रथा के पीछे सिर्फ एक ऐत

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