मुकदमा कैसे खत्म होता है?

एक मुकदमा कई तरीकों से खत्म हो सकता है, पर अक्सर यह तय होता है कि क्या वह ऐसा मामला है जिसमें दोनों पक्षों के बीच समझौता संभव है। कुछ धाराओं में तो कानूनी तौर पर समझौता भी नहीं हो सकता, जैसे गंभीर आपराधिक मामले। फिर भी, कई बार वास्तविकता थोड़ी अलग होती है।

कई मामलों में, यहाँ तक कि गैर-समझौता योग्य धाराओं में भी, दोनों पक्ष आपस में सहमत हो जाते हैं। ऐसे में पुलिस को सूचना दी जाती है कि अब कोई विवाद नहीं रहा। कई बार, पुलिस इस मामले में 'फाल्स रिपोर्ट' यानी गलत रिपोर्ट का आरोप लगाकर मामले को बंद करने की कार्रवाई करती है।

एक आम तरीका यह भी है कि पुलिस रिपोर्ट में कहा जाता है कि मामले में कोई साक्ष्य नहीं मिला। इसके बाद FR (Final Report) तैयार कर कोर्ट में पेश कर दिया जाता है। इस तरह मुकदमा औपचारिक रूप से बंद हो जाता है।

हालांकि यह प्रक्रिया कानूनी दृष्टिकोण से विवादास्पद हो सकती है, लेकिन व्यवहार में ऐसा कई बार होता ह

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय