सुप्रीम कोर्ट ने हिंदुत्व को लेकर क्या कहा?

24 जनवरी, 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की, जिसमें उसने स्पष्ट किया कि 'हिंदू', 'हिंदू धर्म' और 'हिंदुत्व' जैसे शब्दों को लेकर कुछ राजनेताओं द्वारा फैलाई जा रही गलत धारणाओं को दूर किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इन शब्दों को अन्य धर्मों के प्रति द्वेष, असहिष्णुता या सांप्रदायिकता के रूप में नहीं लिया जा सकता।

अदालत ने यह भी कहा कि 'हिंदुत्व' एक सांस्कृतिक और दार्शनिक अवधारणा है, जो भारतीय जीवन शैली को दर्शाती है। इसे किसी धर्म के खिलाफ भावना जताने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। कोर्ट ने चेतावनी दी कि राजनीतिक लाभ के लिए इन शब्दों का गलत अर्थ निकालना समाज में तनाव पैदा कर सकता है।

इस फैसले ने यह भी साफ किया कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और सभी धर्मों को समान सम्मान मिलना चाहिए। हिंदुत्व कोई राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक पहचान है। कोर्ट ने सभी से आह्व

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