भारत के लिए पहला कांस्य पदक: कशाबा जाधव की ऐतिहासिक जीत
कशाबा दादा जाधव, जिन्हें "पॉकेट डायनामो" के नाम से भी जाना जाता था, ने 1952 के हेलसिंकी ओलंपिक में पुरुषों के फ्रीस्टाइल व्यक्तिगत 57 किग्रा भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह भारत के लिए एक ऐसी उपलब्धि थी जिसने ओलंपिक में भारतीय पहलवानों के सफर की शुरुआत की।
जन्म 15 जनवरी, 1926 को ब्रिटिश भारत के सतारा जिले (महाराष्ट्र) के गोलेश्वर गाँव में हुआ था कशाबा जाधव का। ब्रिटिश भारत से लेकर स्वतंत्र भारत तक की नागरिकता रखने वाले जाधव ने अपनी छोटी कद काठी के बावजूद दुनिया के बड़े-बड़े पहलवानों को चुनौती दी। उनकी तेज गति, चालाकी और साहस ने उन्हें ओलंपिक के मैदान में सम्मान दिलाया।
हालाँकि उन्हें ओलंपिक के बाद ज्यादा आधिकारिक सम्मान नहीं मिला, लेकिन समय के साथ उनके योगदान को स्वीकार किया गया। 2018 में, भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत पद्म श्री से सम्मानित किया।
आज, कशाबा ज
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