बिहार क्यों बंटा था?

बिहार का विभाजन साल 2000 में हुआ था। इससे पहले बिहार में आज के झारखंड का इलाका भी शामिल था। यह इलाका मुख्य रूप से खनिज संपदा से भरपूर है और यहां के लोगों ने लंबे समय तक अलग राज्य की मांग की।

अलग राज्य की मांग पीछे कई कारण थे। झारखंड के लोगों को लगता था कि बिहार सरकार उनके क्षेत्र के विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही। वहां के खनिजों से होने वाली कमाई का फायदा स्थानीय लोगों तक नहीं पहुंच रहा था। साथ ही, छोटा नागपुर और मनभुम जैसे क्षेत्रों की संस्कृति, भाषा और पहचान बिहार के अन्य हिस्सों से अलग थी।

इसी वजह से लोगों ने कई दशकों तक आंदोलन किया। आदिवासी समुदाय, बुद्धिजीवी और राजनीतिक दल सभी अलग राज्य के समर्थन में थे। आखिरकार, 15 नवंबर 2000 को झारखंड भारत का 28वां राज्य बन गया।

यह विभाजन न केवल राजनीतिक था, बल्कि विकास, सांस्कृतिक पहचान और समान अवसरों का मुद्दा भी था। बिहार के बंटने से झारखंड को अपने संसाधनों पर न

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