सेकंड क्यों होता है?

सेकंड समय की मूल इकाई है, और यह आज के युग में बहुत सटीक तरीके से परिभाषित किया गया है। पहले सेकंड को पृथ्वी की घूर्णन गति के आधार पर समझा जाता था। एक औसत सौर दिवस (जो लगभग 24 घंटे का होता है) के 1/86,400 भाग को एक सेकंड माना जाता था। यानी, पृथ्वी अपनी धुरी पर एक बार घूमने में लगभग 86,400 सेकंड का समय लेती है।

लेकिन अब सेकंड की परिभाषा बदल चुकी है। वैज्ञानिकों ने इसे अधिक सटीक बनाने के लिए सीज़ियम परमाणु के विकिरण आवृत्ति पर आधारित किया है। जब सीज़ियम के परमाणु एक ऊर्जा अवस्था से दूसरी में जाते हैं, तो वे एक निश्चित आवृत्ति की तरंग उत्सर्जित करते हैं। इस आवृत्ति के 9,192,631,770 चक्रों को एक सेकंड माना जाता है।

इस तरह, सेकंड को अब पृथ्वी के घूमने पर निर्भर नहीं किया जाता, क्योंकि धरती की गति में छोटे-छोटे उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। इसके बजाय, परमाणुओं की नियमितता पर भरोसा किया जाता है, जो कि बहुत स्थिर और व

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय