पोटाश की कमी से होने वाले प्रभाव
पोटाश, यानी पोटैशियम, पौधों के लिए बहुत जरूरी पोषक तत्व है। जब मिट्टी में पोटाश की कमी होती है, तो पौधों की पत्तियां सबसे पहले इसका असर दिखाती हैं। पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं, किनारे से झुलस जाती हैं और नुकीली होने लगती हैं। यह लक्षण आमतौर पर पुरानी पत्तियों से शुरू होता है।
किसानों के लिए यह बहुत गंभीर बात है क्योंकि पोटाश की कमी से फसलों की गुणवत्ता और उपज दोनों प्रभावित होती है। धान, गन्ना, गेहूं जैसी प्रमुख फसलों में पोटाश पौधों को मजबूत बनाता है और उनके फैलाव में मदद करता है। इसकी उचित मात्रा से पौधे ज्यादा मजबूत होते हैं और तने में फुटाव बढ़ता है।
इसके अलावा, पोटाश की उचित आपूर्ति से दाने मोटे, चमकदार और वजनी हो जाते हैं, जिससे बाजार में फसल की कीमत भी बेहतर रहती है। कई बार किसान नाइट्रोजन और फॉस्फेट पर ध्यान देते हैं, लेकिन पोटाश को नजरअंदाज कर देते हैं, जो उत्पादकता कम होने
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।