बोरॉन की कमी से होने वाले प्रभाव

बोरॉन पौधों के लिए आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व है। इसकी कमी से पौधों में कई समस्याएं उत्पन्न होती हैं। जब मिट्टी में बोरॉन की मात्रा कम होती है, तो सबसे पहले नई गोभी, पत्ते और फूल दिखने में प्रभावित होते हैं।

बोरॉن की कमी के सामान्य लक्षणों में पौधों की नई पत्तियों का छोटी, विकृत या भूरी होना शामिल है। कई बार पत्तियों के किनारे सूखने लगते हैं और शीर्ष कली (apical bud) मर जाती है। इससे पौधे का ऊपरी हिस्सा विकास नहीं कर पाता और रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है।

फलदार और सब्जी वाली फसलों, जैसे टमाटर, बैंगन या चुकंदर में बोरॉन की कमी से फल सड़ने लगते हैं या उनकी गुणवत्ता खराब हो जाती है। मिसाल के तौर पर, चुकंदर में हॉलो हीर्ट (खोखला दिल) बोरॉन की कमी का स्पष्ट संकेत है।

इसके अलावा, फूल न खिलना या फल न लगना भी बोरॉन की कमी का ही परिणाम हो सकता है।

इस समस्या को दूर करने के लिए, मिट्टी की जांच करव

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