लाल चंदन: बेच सकते हैं या नहीं?

लाल चंदन, जिसे वैज्ञानिक भाषा में Pterocarpus santalinus कहा जाता है, एक अत्यंत मूल्यवान लकड़ी है। यह मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के पहाड़ी इलाकों में पाया जाता है। कई वर्षों तक, सरकार ने व्यक्तिगत स्तर पर इसकी खेती पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा था।

2002 तक, कोई भी व्यक्ति लाल चंदन के पेड़ नहीं उगा सकता था। इसकी अवैध कटाई और तस्करी के कारण यह प्रतिबंध लगाया गया था। लेकिन समय के साथ नियमों में बदलाव आया। अब लाल चंदन के पेड़ उगाने की अनुमति व्यक्तियों को दे दी गई है। किसान या खेतिहर लोग इसे अपनी भूमि पर लगा सकते हैं और देखभाल भी कर सकते हैं।

हालांकि, एक बड़ी शर्त अभी भी है—लकड़ी को काटकर बेचने की अनुमति नहीं है। यहां तक कि अगर आपके खेत में पेड़ पूरी तरह पक जाए, तब भी आप उसे आज़ादी से बेच नहीं सकते। इसकी लकड़ी के व्यापार पर सख्ती से नियंत्रण रखा जाता है क्योंकि यह प्रजाति लुप्तप

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