तिलक कैसे लगाएं – पारंपरिक महत्व और सही तरीका
तिलक भारतीय संस्कृति में आध्यात्मिकता और श्रद्धा का प्रतीक है। इसे ललाट पर लगाया जाता है, विशेष रूप से भौहों के ठीक बीच में, जिसे ललाट बिंदु कहा जाता है। मान्यता है कि यही स्थान तीसरी आंख यानी आंतरिक ज्ञान का केंद्र है।
तिलक लगाते समय उंगली का विशेष महत्व होता है। परंपरा के अनुसार, अनामिका उंगली (बीच की उंगली के बगल वाली) से तिलक लगाना सबसे शुभ माना जाता है, खासकर धार्मिक और वैदिक कार्यों में। इससे आध्यात्मिक ऊर्जा का संतुलन बनता है और भगवान के प्रति श्रद्धा व्यक्त होती है।
कुछ स्थितियों में अन्य उंगलियों का भी उपयोग होता है। मान्यता है कि मध्यमा उंगली (मध्यम उंगली) से तिलक लगाने से आयु में वृद्धि होती है। वहीं, अंगूठे से तिलक लगाना पुष्टिदायक
चाहे घर में छोटी पूजा हो या मंदिर में भगव
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