भोजन से पहले क्या पढ़ते हैं?

कई लोग भोजन करने से पहले एक प्राचीन मंत्र का उच्चारण करते हैं, जो सुरक्षा, समृद्धि और सामूहिक स्वास्थ्य की कामना करता है। यह मंत्र है: “ॐ सह नाववतु, सह नौ भुनक्तु, सह वीर्यं करवावहै”

यह ऋग्वेद से लिया गया है और इसका अर्थ है – "हम दोनों की रक्षा हो, हम दोनों मिलकर भोजन का आनंद लें, हमारी शक्ति एक साथ बढ़े।" यह केवल खाना शुरू करने का संकेत नहीं, बल्कि एक आत्मिक तैयारी है।

इस मंत्र को पढ़ते समय दो बातों का ध्यान रखा जाता है – एक, खाने के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना, और दूसरा, भोजन करने वालों के बीच एकता की भावना। कई घरों और आश्रमों में अब भी इस परंपरा को जीवंत रखा जाता है।

कुछ लोग इसे संस्कृत में ही पढ़ते हैं, तो कुछ समझकर हिंदी में भी दोहराते हैं। चाहे आप धार्मिक हों या न हों, इस मंत्र में छिपा संदेश सार्वभौमिक है – साझा करना, संयम से खाना और जीवन के प्रति सम्मान रखना।

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