
प्रत्यास्थता क्या है? समझिए आसान भाषा में
प्रत्यास्थता यानी किसी चीज़ में वापस अपनी मूल आकृति लेने की क्षमता। जब हम किसी वस्तु पर बल लगाते हैं, तो उसमें कुछ हद तक बदलाव आता है—इसे ही विकृति कहते हैं। लेकिन अगर बल हटाते ही वह चीज़ फिर से पहले जैसी हो जाए, तो यह प्रत्यास्थता का उदाहरण है।
मसलन, एक छोटी स्प्रिंग पर जब आप हल्का दबाव डालते हैं, तो वह छोटी हो जाती है। लेकिन दबाव खत्म होते ही वापस अपनी लंबाई ले लेती है। यही प्रत्यास्थता का सरल उदाहरण है। यह गुण धातुओं, रबर, यहां तक कि हड्डियों में भी पाया जाता है।
लेकिन ध्यान रखने वाली बात यह है कि प्रत्यास्थता सीमित होती है। अगर बल बहुत ज्यादा लगाया जाए, तो वस्तु टूट या डीगाड़ सकती है। इससे पहले, जैसे-जैसे बल बढ़ता है, वस्तु के अंदर आंतरिक प्रतिरोध भी बढ़ता जाता है। यह विरोध उसे विकृत होने से र
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