केरल की स्वादिष्ट मछली और उसकी परंपरा

केरल का भोजन संस्कृति और स्वाद का एक अनूठा मिश्रण है। यहाँ की समुद्र तटीय अवस्थिति के कारण मछली खाने की परंपरा बहुत पुरानी और महत्वपूर्ण है। समुद्री भोजन, खासकर मछली, केरल की रोजमर्रा की थाली का एक अहम हिस्सा है।

रूई मछली, जिसे स्थानीय भाषा में "रौ" कहा जाता है, यहाँ बेहद लोकप्रिय है। यह मछली मुख्य रूप से मध्य केरल और पहाड़ी इलाकों में पसंद की जाती है। इसे अक्सर स्वादिष्ट मछली करी के रूप में तैयार किया जाता है, जिसमें नारियल का तेल, हल्दी, लहसुन और कई स्थानीय मसाले डाले जाते हैं।

इस मछली को अक्सर टैपिओका के साथ परोसा जाता है, जिसे केरल में 'कुम्मु' या 'करला' कहा जाता है। टैपिओका स्थानीय तौर पर उगाई जाने वाली एक स्टार्च युक्त जड़ है, जो भाप में पकाकर बहुत स्वादिष्ट होती है। रूई की करी और टैपिओका का यह जोड़ खासकर मध्य केरल के घरों में एक पसंदीदा भोजन है।

केरल के खाने में सादगी और समृद्धि दोन

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