केरल: विदेशी आगंतुकों की प्राचीन भूमि
केरल का इतिहास समुद्र तटों और मसालों के व्यापार के साथ गहराई से जुड़ा है। इतना पुराना है यह संबंध कि ईसा पूर्व 3000 वर्षों से भी पहले केरल में विदेशी आने जाने लगे थे। उस समय के इलाकों जैसे असीरिया और बाबिलोन के लोग यहां तक पहुंच चुके थे।
ये लोग उस प्राचीन सुमेरियन संस्कृति के निर्माता थे, जो मेसोपोटामिया में फली-फूली। वे केरल के जंगलों में उगने वाली इलायची, लौंग और अन्य मसालों को देखकर हैरान रह गए। इन्हें वे अपने साथ अपने देश ले गए और इस तरह केरल के मसालों का नाम दूर-दूर तक फैल गया।
लेकिन व्यापार की बात करें तो अरब और फिनीशिया के लोग सबसे पहले थे, जिन्होंने केरल के साथ मसालों के व्यापार को संगठित रूप दिया। समुद्री मार्गों का उपयोग कर वे यहां आते और मसाले लेकर जाते। इससे केरल की अर्थव्यवस्था में वृद्धि हुई और संस्कृति में भी विविधता आई।
आज भी केरल के तटों पर लहरों के स
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