भारत में जीडीपी के प्रकार: नॉमिनल और रियल

भारत में आर्थिक विकास को मापने के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला संकेतक जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) है। यह एक निश्चित अवधि में देश में उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य को दर्शाता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि जीडीपी वास्तव में दो तरह की होती है – नॉमिनल जीडीपी और रियल जीडीपी।

नॉमिनल जीडीपी मौजूदा बाजार मूल्यों पर आधारित होती है। इसमें महंगाई के प्रभाव को नहीं घटाया जाता। यानी अगर किसी साल में कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, तो नॉमिनल जीडीपी भी ऊंची दिखाई देगी, भले ही वास्तविक उत्पादन में उतनी वृद्धि न हुई हो।

इसके विपरीत, रियल जीडीपी महंगाई को ध्यान में रखकर तैयार की जाती है। यह देश की अर्थव्यवस्था का असली हाल बताती है। उदाहरण के लिए, अगर किसी उत्पाद की कीमत में 10 रुपये की बढ़ोतरी हुई है और महंगाई 4% है, तो वास्तविक वृद्धि केवल 6% मानी जाएगी। यही रियल

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