नोट छापने में सरकार को कितना खर्च आता है?
भारत में नए नोट छापने की लागत समय-समय पर बदलती रहती है। 2000 रुपए के नोट की बात करें तो, साल 2017-18 में इसके एक नोट को छापने में सरकार पर 4.18 रुपए का खर्च आता था। लेकिन अगले साल, यानी 2018-19 में यह लागत घटकर 3.53 रुपए रह गई। इसके बाद, साल 2019-20, 2020-21 और 2021-22 में 2000 रुपए का एक भी नोट नहीं छापा गया। इसका कारण यह रहा कि पहले ही काफी संख्या में नोट जारी हो चुके थे और उनकी मांग नहीं बढ़ी।
वहीं, 500 रुपए के नोट के छपवाने का खर्च 2.90 रुपए प्रति नोट आता है। इससे सस्ता है 200 रुपए का नोट, जिसके एक नोट छापने में सरकार को 2.37 रुपए का खर्च आता है। ये सभी खर्चे छपाई, कागज, सुरक्षा लक्षण और तकनीकी प्रक्रियाओं पर निर्भर करते हैं।
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) नोटों की छपाई को लेकर सावधानी बरतते हैं। जरूरत से ज्यादा छापने पर मुद्रास्फीति का खतरा होत
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