भारत में बाइक का क्रेज: हर दूसरे परिवार के पास वाहन
भार combustible के लिए नहीं, बल्कि बाइक के लिए है। भारत में आज हर दूसरे परिवार के पास कोई न कोई दोपहिया वाहन है। 2018 के आंकड़ों के मुताबिक, देश के 49.7 फीसदी परिवारों के पास बाइक है, जो पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ी है। इसके मुकाबले कारों की संख्या अभी भी कम है, लेकिन घरेलू वाहनों में बाइक का दबदबा साफ झलकता है।
इस रुझान में कुछ राज्य आगे नजर आ रहे हैं। पंजाब इस लिस्ट में सबसे ऊपर है, जहां 75.6 फीसदी परिवारों के पास बाइक है। दूसरे नंबर पर राजस्थान है, जहां इसका आंकड़ा 66.4 फीसदी है। आसान सड़क पहुंच, ईंधन की कम लागत और शहरों में भीड़भाड़ के बीच बाइक की सुविधा इसकी मुख्य वजह है।
खास बात यह है कि ग्रामीण भारत में भी बाइक की मांग तेजी से बढ़ रही है। यह सिर्फ एक वाहन नहीं, बल्कि स्वतंत्रता और आत्मसम्मान का प्रतीक बन चुका है। चाहे छोटा शहर हो या गांव, बाइक ने लोगों के जीवन
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