थैलेसीमिया: वह बीमारी जो माता-पिता से बच्चों में फैलती है
थैलेसीमिया एक ऐसी आनुवंशिक बीमारी है, जो माता-पिता से बच्चों में विरासत में मिलती है। यह रक्त संबंधी गंभीर स्थिति है, जिसमें शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने की प्रक्रिया में खलल पड़ता है। परिणामस्वरूप, बच्चे में गंभीर रक्तक्षीणता (एनीमिया) हो जाती है।
अक्सर, इस बीमारी के लक्षण बच्चे के जन्म के कुछ महीनों बाद ही दिखाई देने लगते हैं। आमतौर पर, तीन महीने की आयु के बाद ही डॉक्टर थैलेसीमिया की पहचान कर पाते हैं। ऐसे बच्चे अक्सर थका रहे होते हैं, उनकी त्वचा पीली पड़ जाती है, और उनके अंगों में सूजन भी आ सकती है।
यह बीमारी माता-पिता के जीन्स के माध्यम से बच्चे तक पहुँचती है। अगर दोनों माता-पिता थैलेसीमिया के वाहक हैं, तो उनके बच्चे में इसकी संभावना काफी बढ़ जाती है। इसलिए, शादी से पहले जीन टेस्ट करवाना बहुत जरूरी होता है, ताकि ऐसे जोखिम को कम किया जा
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