भगवान विष्णु के माता और पिता कौन हैं?
सनातन धर्म और हिंदू पुराणों में सृष्टि की उत्पत्ति और भगवानों के प्राकट्य को लेकर कई कथाएं मिलती हैं। जब बात भगवान विष्णु के माता-पिता की आती है, तो शिवपुराण में इसका स्पष्ट और विस्तृत वर्णन मिलता है।
शिवपुराण के अनुसार, इस सृष्टि के मूल कारण कालरूपी सदाशिव और पराशक्ति दुर्गा हैं। वे ही भगवान विष्णु के माता और पिता हैं। इस कथा के अनुसार, परमेश्वर सदाशिव और देवी दुर्गा ने अपने आनंदमयी स्वरूप से सबसे पहले भगवान विष्णु को प्रकट किया।
इसके बाद की घटना का वर्णन करते हुए ब्रह्माजी अपने पुत्र नारदजी को बताते हैं कि विष्णु जी को उत्पन्न करने के बाद, सदाशिव और शक्ति ने फिर से वैसा ही प्रयास किया। इस बार उन्होंने अपने दाहिने अंग से मुझे (ब्रह्माजी को) उत्पन्न किया और तुरंत ही मुझे भगवान विष्णु के नाभि कमल में डाल दिया। इसके बाद ब्रह्माजी ने विष्णु जी की नाभि से निकले कमल से प्रकट होकर सृष्टि के निर्माण का कार्य आगे बढ़ाया।
संक्षेप में कहें तो, जहां व्यावहारिक रूप से त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) को अजन्मा और सर्वोच्च शक्ति माना जाता है, वहीं पुराणों के आध्यात्मिक दृष्टिकोण के अनुसार सदाशिव और पराशक्ति दुर्गा ही विष्णु जी के दिव्य माता-पिता हैं।
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।