क्या 'हिंदू' नाम अंग्रेजों ने दिया?
कभी सोचा है कि हम सभी भारतीयों को एक साथ 'हिंदू' कैसे कहलाया जाने लगा? कम से कम एक बार तो हर किसी के दिमाग में यह सवाल जरूर आया होगा। कमल हासन ने 18 मई, 2019 को एक बात कही थी जो कई लोगों को चौंका गई — उन्होंने कहा कि शब्द 'हिंदू' न तो प्राचीन भारत से आया है और न ही यह स्थानीय मूल का है।
मुगलों ने शायद पहली बार 'हिंदू' का इस्तेमाल किया, ताकि वे इस क्षेत्र के लोगों को एक नाम दे सकें। यह शब्द 'सिंधु' नदी से आया, जिसे फारसी यात्रियों ने 'हिंद' कहा। बाद में, जब अंग्रेज आए, तो उन्होंने इस नाम को सरकारी दस्तावेजों, जनगणना और कानूनों में दर्ज किया। इस तरह 'हिंदू' एक धार्मिक पहचान बन गया।
लेकिन इतिहास कहता है कि पहली सहस्राब्दी में दक्षिण भारत के कवि-संत, जैसे अलवार और नायनमार, कभी 'हिंदू' शब्द का उपयोग नहीं करते थे। वे अपने आप को शैव या वैष्णव कहते थे। उनके लिए धर्म एक जीवन शैली थी, न कि एक टैग।
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