सुप्रीम कोर्ट के अनुसार हिंदू धर्म क्या है?
भारत की सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि चुनावी भाषण में 'हिंदुत्व' या 'हिंदू धर्म' जैसे शब्दों का उपयोग स्वयं में किसी उम्मीदवार को अयोग्य नहीं ठहराता। 24 जनवरी, 2022 को दिए गए फैसले में कोर्ट ने कहा कि केवल धर्म का जिक्र करना चुनावी भ्रष्टाचार नहीं माना जा सकता।
इस फैसले के तहत, धारा 123 की उप-धारा (3) और (3A) में तभी कोई आरोप प्रवेश कर सकता है जब ऐसे भाषण में स्पष्ट धार्मिक उकसावे, अन्य धर्मों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी या सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने का प्रयास हो। केवल 'हिंदू धर्म' या 'हिंदुत्व' जैसे शब्दों का उपयोग उस दायरे में नहीं आता, जहाँ उम्मीदवार के खिलाफ कार्रवाई संभव हो।
यह फैसला भारतीय संविधान के धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों के साथ-साथ भाषण की स्वतंत्रता के अधिकार को भी संतुलित करता है। न्यायालय का मानना है कि भारत में हिंदू धर्म केवल एक धार्मिक विचार ही नहीं, बल्क
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