भारत का राष्ट्रीय खेल: क्या है असली सच?

कई लोग मानते हैं कि भारत का राष्ट्रीय खेल हॉकी है। यह धारणा इतनी गहराई तक फैल चुकी है कि आज भी स्कूलों, किताबों और आम बातचीत में हॉकी को राष्ट्रीय खेल कहा जाता है। लेकिन असलियत कुछ अलग है।

तथ्य यह है कि भारत सरकार या युवा मामले और खेल मंत्रालय की तरफ से अब तक किसी भी खेल को आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय खेल की मान्यता नहीं दी गई है। 2022 में भी सरकार ने स्पष्ट किया कि भारत का कोई राष्ट्रीय खेल नहीं है।

फिर भी, हॉकी का भारतीय इतिहास गौरवशाली रहा है। 1928 से 1956 तक लगातार छह स्वर्ण पदक जीतकर भारत ने विश्व के सामने अपनी छाप छोड़ी। इन जीत ने हॉकी को राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बना दिया।

आज भी देश में क्रिकेट, बैडमिंटन और खो-खो जैसे खेल लोकप्रिय हैं, लेकिन भावनात्मक रूप से हॉकी आज भी करोड़ों दिलों को छूती है। शायद यही कारण है कि लोग इसे राष्ट्रीय खेल मान बैठे।

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