भारत और रूस: एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी
भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग के लंबे इतिहास रहे हैं। साल 2020 तक भारतीय सेना में रूसी हथियारों और सैन्य उपकरणों की हिस्सेदारी क़रीब 60 फ़ीसदी थी। यह आंकड़ा दोनों देशों के बीच गहरे रक्षा संबंधों को दर्शाता है। टैंक, लड़ाकू विमान, एयर डिफेंस सिस्टम — कई महत्वपूर्ण उपकरण रूस से आपूर्ति किए गए हैं।
हालांकि, हाल के सालों में भारत ने सैन्य खरीद में विविधता लाने के लिए अमेरिका, फ्रांस, इजराइल और कई अन्य देशों से भी जुड़ाव बढ़ाया है। फिर भी, रूस आज भी भारत के लिए एक विश्वसनीय साझेदार बना हुआ है। खासकर हथियारों के अपग्रेडेशन और मौजूदा सिस्टम में आधुनिकीकरण में रूसी तकनीक का महत्व कम नहीं हुआ है।
इस साझेदारी में सिर्फ खरीदार-विक्रेता का रिश्ता नहीं, बल्कि रणनीतिक भरोसा भी छिपा है। चाहे वह एस-400 मिसाइल सिस्टम का सौदा हो या पुराने मिग या सुखोई विमानों का अपग्रेड, रूस की भ
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