क्या कीमोथेरेपी के दौरान हल्दी लेना सुरक्षित है?

हल्दी, जिसे आयुर्वेद में सदियों से औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, घरेलू इलाज की पहली पसंद में से एक है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण इसकी खूब तारीफ होती है। लेकिन जब बात कैंसर के इलाज — खासकर कीमोथेरेपी या रेडिएशन — की हो, तो सावधानी बरतना जरूरी हो जाता है।

कई अध्ययनों से पता चलता है कि हल्दी में मौजूद करक्यूमिन कुछ कीमो दवाओं के असर को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, यह रक्त के थक्के बनने में देरी कर सकता है। ऐसे में अगर मरीज रक्त को पतला करने वाली दवाओं या उपचार ले रहा हो, तो हल्दी के सप्लीमेंट्स या अत्यधिक मात्रा खतरनाक हो सकती है।

हालांकि, खाने में थोड़ी-बहुत हल्दी इस्तेमाल करना आमतौर पर हानिकारक नहीं होता, लेकिन कैंसर उपचार के दौरान कोई भी सप्लीमेंट डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए।

एक छोटी-सी चीज कई बार बड़

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