लोरी: माँ की पहली गीत जो बच्चे को शांति देती है
लोरी सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि माँ की ओर से पहला प्यार भरा संदेश होता है। जब माँ अपने बच्चे को गोद में लेकर लोरी गाती है, तो उसकी आवाज़ में एक अजीब सी गहराई होती है – वो गीत नहीं, प्यार बोलता है।
बच्चे पैदाइश के बाद भी उस लय को पहचानते हैं जो गर्भ में सुनी थी। लोरी की धीमी, संगीतमय लय माँ की धड़कन से मिलती-जुलती होती है। यही कारण है कि लोरी सुनने से बच्चे के मन में सुकून फैल जाता है।
इसके पीछे सिर्फ भावना ही नहीं, विज्ञान भी है। अध्ययनों में पता चला है कि माँ की आवाज़ और लय में गाई गई लोरी बच्चे के दिमाग पर शांतिपूर्ण प्रभाव डालती है। यह उन्हें नींद के करीब ले जाती है और डर या बेचैनी को कम करती है।
लोरी में अक्सर सरल शब्द, दोहराव और मधुर स्वर होते हैं। ये सब मिलकर एक ऐसा माहौल बनाते हैं जहाँ बच्चा सुरक्षित महसूस करता है।
आज भी, भले ही घर में तकनीक हो, लेकिन एक माँ की लोरी अभी भी
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