भारत का निर्माण: प्राकृतिक शक्तियों का अद्भुत खेल
क्या आपने कभी सोचा है कि वो भारत, जहां हिमालय ऊँचा छाती फैला है और दक्षिण में हिंद महासागर लहराता है, वो आखिरकार बना कैसे? वैज्ञानिकों के अनुसार, भारत का निर्माण पृथ्वी के भीतर छिपी ताकतों का ही नतीजा है।
लाखों साल पहले, पृथ्वी की सतह आज जैसी नहीं थी। ज़मीन के नीचे चलने वाले मैग्मा और ने जमीन के बड़े हिस्सों को तोड़ा और हिलाया। एक बड़ा भाग, जिसे आज हम गोंडवाना कहते हैं, धीरे-धीरे टूटने लगा। इसी गोंडवाना में से एक टुकड़ा धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ने लगा। वही टुकड़ा आज का भारत बना।
लगभग 18 करोड़ साल पहले गोंडवाना धीरे-धीरे टूटा और कई द्वीपों में बंट गया। अंटार्कटिका, ऑस्ट्रेलिया और हमारा भारत भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। भारतीय प्लेट के उत्तर की ओर बढ़ने से वो यूरेशियाई प्लेट से टकराया, जिसके कारण हिमालय की ऊँची चोट
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