रूस की विशाल भूमि कैसे बनी?

रूस के इतने बड़े आकार का रहस्य इतिहास के पन्नों में छिपा है। 15वीं और 16वीं शताब्दी में, छोटे-छोटे रूसी राज्य लगातार आपस में लड़ रहे थे। लेकिन जैसे ही मास्को के शासकों ने सत्ता संभाली, स्थिति बदलनी शुरू हो गई।

इवान द टेरिबल के शासनकाल में रूस ने तेजी से फैलना शुरू किया। उन्होंने तातारों के तीन मुख्य खानते—कज़ान, अस्त्रखान और साइबेरिया में स्थित सिबिर के खानते पर कब्जा कर लिया। यह विजय न सिर्फ भूमि के लिए, बल्कि नदियों और व्यापार मार्गों पर नियंत्रण भी दर्शाती थी।

इन जीतों ने रूस के क्षेत्र को लगभग दोगुना कर दिया। वोल्गा नदी से लेकर यूराल पर्वत तक का विशाल भूभाग मास्को के नियंत्रण में आ गया। 16वीं शताब्दी के अंत तक रूस ने यूराल के पार, यानी साइबेरिया की ओर भी कदम रख दिया था।

एकजुटता और सैन्य रणनीति ने रूस को एक छोटे क्षेत्र से लेकर दुनिया के सबसे बड़े देश का दर्जा दिलाया। भूगोल

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