ग्राम सभा की बैठकें: कितनी बार होती हैं?

ग्राम सभा भारत के ग्रामीण लोकतंत्र की आधारशिला है। यह गाँव के सभी पंजीकृत मतदाताओं से मिलकर बनी एक संस्था है, जिसके माध्यम से जनता सीधे तौर पर गाँव के विकास और प्रबंधन में भागीदारी करती है।

अब सवाल उठता है कि एक वर्ष में ग्राम सभा कितनी बार मिलती है? उत्तर यह है कि इसकी संख्या राज्यों के पंचायती राज अधिनियमों, पेसा नियमों (PESA Rules), और संबंधित राज्य नियमों पर निर्भर करती है।

हालाँकि प्रत्येक राज्य कुछ भिन्नता रख सकता है, लेकिन अधिकांश राज्यों में एक वर्ष में कम से कम 4 बार ग्राम सभा की बैठकें आयोजित करना अनिवार्य किया गया है। ये बैठकें आमतौर पर माहवार, ऋतुभर में आयोजित होती हैं, ताकि ग्रामीणों को नियमित रूप से विकास कार्यों, बजट, लोक व्यवस्था और लाभार्थियों के चयन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर मिल सके।

कुछ राज्य जैसे ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ में आदिवासी बहुल क

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