ग्राम सभा: लोकतंत्र की धड़कन

ग्राम सभा गाँव के लोकतंत्र की धड़कन है। यह ऐसी सभा होती है जहाँ गाँव के सभी वयस्क सदस्य एक साथ जुटते हैं और अपने गाँव के विकास, समस्याओं और निर्णयों पर चर्चा करते हैं। हर तीन महीने बाद ग्राम सभा की बैठक आयोजित की जाती है, ताकि गाँव के कामकाज पर लगातार नजर रखी जा सके।

इस बैठक को बुलाने की जिम्मेदारी मुखिया की होती है। वह ग्राम पंचायत कार्यालय में सूचना चिपकाकर, डुगडुगी बजाकर या फिर मोबाइल मैसेज और लाउडस्पीकर के जरिए गाँव वालों को सूचित करते हैं। आजकल कई जगह तो सोशल मीडिया या व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए भी लोगों को सूचना पहुँचाई जाती है।

ग्राम सभा में बजट का लेखा-जोखा पेश किया जाता है, विकास के प्रस्ताव पर चर्चा होती है और लोगों की आवाज सीधे पंचायत तक पहुँचती है। छोटे-छोटे गाँव हों या बड़े, ग्राम सभा हर जगह एक जीवंत लोकतांत्रिक प्रक्रिया है।

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय