ग्राम पंचायत को धन कहाँ से मिलता है?

ग्राम पंचायत, गाँव के विकास की जिम्मेदारी संभालती है, और इसके लिए उसे धन की जरूरत होती है। यह धन कई स्रोतों से आता है।

सबसे पहला स्रोत है – स्थानीय कर। पंचायत घरों, बाजारों, पशुओं, वाहनों और उद्योगों पर कर लगा सकती है जो गाँव की सीमा में स्थित हों। दक्षिण भारत में तो ताड़ी पर कर भी एक पारंपरिक स्रोत रहा है। कुछ गाँव त्योहारों पर भी कर लगाते हैं, जिसकी आय सामुदायिक कार्यों में आती है।

दूसरा बड़ा स्रोत है – सरकारी योजनाओं के माध्यम से मिलने वाला धन। केंद्र और राज्य सरकारें ग्रामीण विकास के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत निधि भेजती हैं। यह धन जनपद और जिला पंचायत के माध्यम से ग्राम पंचायत तक पहुँचता है। इसमें मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाएँ शामिल हैं।

इसके अलावा, दान और सामुदायिक योगदान भी पंचायत की आय का हिस्सा हो सकते हैं। गाँव के लोग विशेष कार्यों जैसे मंद

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