विकारी शब्द क्या होते हैं?

हिंदी भाषा में कुछ शब्द ऐसे होते हैं जो वाक्य में अपने कार्य, लिंग, वचन या कारक के अनुसार रूप बदल लेते हैं। इन्हें विकारी शब्द कहा जाता है।

मसलन, जब हम कहते हैं "मैं किताब पढ़ता हूँ", तो 'मैं' का रूप सामान्य है। लेकिन जैसे ही वाक्य बदलता है, जैसे "मुझे किताब चाहिए" या "मुझ पर भरोसा करो", तो 'मैं' का रूप 'मुझ', 'मुझे', 'मेरा' जैसे अलग-अलग रूपों में बदल जाता है। यही विकार है।

इसी तरह 'अच्छा' शब्द भी विकारी है — एकवचन में 'अच्छा', बहुवचन में 'अच्छे', स्त्रीलिंग में 'अच्छी' या 'अच्छी लड़की' जैसे रूप ले लेता है।

विकारी शब्दों में सर्वनाम और विशेषण अक्सर शामिल होते हैं। ये शब्द वाक्य के अनुसार अपना रूप बदलते हैं ताकि अर्थ स्पष्ट और व्याकरणिक रूप से सही हो। इसके विपरीत, जो शब्द रूप नहीं बदलते, जैसे क्रिया या कुछ संज्ञाएँ, उन्हें अविकारी कहा जाता है।

अगली बार जब आप "वह लड़का अच्छा ह

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